ब्रेकिंग न्यूज़: शफी अहमद ने सत्ता के लिए बीबी उधार दी, ऐसा पहली बार सुना होगा आपने, khabarspecial news, khabar special online hindi news, Today's Breaking News, खबरस्पेशल न्यूज़, आज की सबसे बड़ी खबर, खबर स्पेशल न्यूज़, नसीम अंसारी, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर, गाव बाबरखेड़ा निवासी नसीम अंसारी, सत्ता के लिए बीबी उधार

मुरादाबाद/उत्तर प्रदेश, खबरस्पेशल न्यूज़, अजित सिंह, 8-अगस्त’2018: आपने ऐसा शायद ही कभी सुना होगा कि सत्ता पाने के लिए किसी ने किसी से उसकी बीबी उधर माँगी हो तथा उसने भी अपनी बीबी दुसरे को उधार दे दी हो. लेकिन ऐसा हुआ है

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में जहाँ नगर पंचायत चुनाव में भोजपुर के पूर्व चेयरमैन शफी अहमद ने आपने दोस्त उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के कुंडा थाना क्षेत्र के गाव बाबरखेड़ा निवासी नसीम अंसारी से उसकी बीबी रहमत जहाँ को चुनाव लड़ाने के लिए उधार माँगा और नसीम अंसारी ने भी शफी अहमद को अपनी बीबी उधार दे दी. इत्तेफाक से उधार की ये पत्नी रहमत जहाँ चुनाव जीत गयी तथा चेयरमैन बन गयी तो अब शफी अहमद ने नसीम अंसारी को उसकी बीबी लौटाने से इनकार कर दिया है.

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खबर के मुताबिक़, अब चेयरमैन बनी महिला के परेशान पति नसीम अंसारी ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर पत्नी को वापस दिलाए जाने की गुहार लगाई है. अदालत ने कुंडा थाना पुलिस से उसके आवेदन पर रिपोर्ट तलब की है. कुंडा थाना क्षेत्र निवासी नसीम अंसारी ने जसपुर के न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि मुरादाबाद निवासी शफी अहमद उसके साझे में ठेकेदारी करता था.

दोनों के बीच गहरा दोस्ताना था और एक-दूसरे घर में आना-जाना था. आरोप है कि मुरादाबाद निवासी शफी अहमद पांच माह पूर्व उत्तर प्रदेश में हुए निकाय चुनाव में अपनी पत्नी को नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ाना चाहता था. लेकिन, उसके क्षेत्र की सीट पिछड़ा वर्ग में आरक्षित हो गई, जबकि वह सामान्य जाति से है. प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि पीड़ित और उसकी पत्नी पिछड़े वर्ग से है.

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सीट पिछड़ा वर्ग में आरक्षित होने के बाद साथी ठेकेदार शफी अहमद ने उसे दोस्ती का वास्ता देकर उसकी पत्नी को चुनाव लड़ाने की पेशकश रख दी. नसीम अंसारी ने अदालत को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि तय हुआ था कि सिर्फ चुनाव लड़ाने के लिए वह कागजों में उसके साथ अपनी पत्नी की कोर्ट मैरिज उससे करा दे.

चुनाव परिणाम के बाद उसकी पत्नी पूर्ववत उसके घर आकर बच्चों के साथ रहेगी. पीड़ित ने दोस्त की इस बात को मानकर समझौते के तहत साथी ठेकेदार से अपनी पत्नी की कोर्ट मैरिज करा दी. इत्तफाक से महिला चुनाव जीतकर चेयरमैन चुन ली गई. पीड़ित का कहना है कि चेयरमैन चुने जाने के बाद उसने अपने मित्र से कई बार पत्नी को वापस भेजने का अनुरोध किया, लेकिन चेयरमैन पद की व्यस्तता का हवाला देकर वह टालमटोल करता रहा.

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बाद में पता चला कि पहली पत्नी और बच्चों के रहते ठेकेदार ने चेयरमैन के साथ निकाह कर लिया और बाद में उसे भेजने से साफ इनकार कर दिया. नसीम अन्सारी का कहना है कि उसने अभी तक अपनी पत्नी को तलाक नही दिया है. ऐसे में शरीयत के लिहाज से किसी और मर्द के साथ उसका निकाह जायज नहीं है. इस मामले में न्यायालय ने कुंडा थाना पुलिस से जल्द रिपोर्ट देने को कहा है.