उत्तर प्रदेश-बिहार उपचुनाव: गोरखपुर में 5 बजे तक हुआ 46% और फूलपुर में हुआ 38 फीसदी मतदान, khabarspecial election news, uttar pradesh election, bihar election, उत्तरप्रदेश और बिहार में तीन लोकसभा सीटों पर उपचुनाव, गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उप चुनाव, बिहार में भभुआ और जहानाबाद विधानसभा, उत्तर प्रदेश लोकसभा उपचुनाव, खबरस्पेसल न्यूज़, खबर स्पेसल ऑनलाइन हिंदी खबर, ऑनलाइन समाचार, खबरस्पेसल उपचुनाव खबरें, उत्तर प्रदेश उपचुनाव, बिहार उपचुनाव, राजनीती की हर खबर, By-election, lok sabha, gorakhpur, phulpur, bihar, araria, yogi adityanath, akhilesh yadav, nitish kumar, लोकसभा उपचुनाव, गोरखपुर, फूलपुर, बिहार, अररिया, योगी आदित्यनाथ, अखिलेश यादव, नीतीश कुमार, India News in Hindi, Latest India News Updates

उत्तर प्रदेश/बिहार, खबरस्पेसल न्यूज़: उत्तर प्रदेश और बिहार में तीन लोकसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए आज वोटिंग हो रही है। यूपी में गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उप चुनाव में किस्मत आजमा रहे 32 उम्मीदवारों का भाग्य आज ईवीएम में बंद होगा.

दोनों जिलों में 4296 पोलिंग बूथों पर होने वाले मतदान में कुल 39,13,181 मतदाता वोट डालेंगे। मतों की गिनती 14 मार्च को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। वोटिंग के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अद्धैसनिक बलों और पीएसी की 65 कंपनियां तैनात की गई हैं.

यह भी पढ़ें: पॉपुलर टीवी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा की दयाबेन ने छोड़ा शो, ये है खास वजह

वहीं बिहार में अररिया लोकसभा सीटों पर मतदान हो रहा है। इसके अलावा बिहार में भभुआ और जहानाबाद विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनावों के लिए भी आज ही मतदान हो रहा है।

LIVE अपडेट्स: 

उत्तरप्रदेश लोकसभा उपचुनाव: शाम 5 बजे तक फूलपुर में 38 फीसदी और गोरखपुर में 46 फीसदी लोगों ने मतदान किया है. उत्तर प्रदेश लोकसभा उपचुनाव: शाम 4 बजे तक गोरखपुर में 40 फीसदी और फूलपुर में 29 फीसदी मतदान दर्ज किया गया है.

Image result for uttar pradesh bihar sub elections
वहीं इलाहाबाद पश्चिम में पांच बजे तक 31 फीसदी मतदान हुआ. 3.04PM: दोपहर तीन बजे तक यूपी की गोरखपुर सीट पर 30.20 फीसदी तो वहीं फूलपुर सीट पर 26.6 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई है।दोपहर 12 बजे तक बिहार में अररिया में 31.25 फीसदी मतदान हुआ, वहीं भभुआ में 24.5 फीसदी मतदान हुआ.

अररिया से आरजेडी प्रत्याशी सरफराज आलम ने मतदान किया। बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो शीशे के घर में रहते हैं वो दूसरों पर पत्थर नहीं मारते। हमारी जीत पक्की है और हमारा धर्म केवल विकास है.

यह भी पढ़ें: वायरल गर्ल प्रिया प्रकाश को मिली बॉलीवुड की ये बड़ी फिल्म, सुपरहिट हीरो के साथ करेंगी बॉलीवुड डेब्यू

11 बजे तक विधानसभावार वोटिंग प्रतिशत कैम्पियरगंज में 15 फीसदी, पिपराइच में 18 फीसदी, ग्रामीण क्षेत्र में 17 फीसदी, सहजनवां में 18 फीसदी रहा। कुल वोटिंग प्रतिशत 17 फीसदी रहा.

Image result for uttar pradesh bihar sub elections

अररिया उपचुनाव में सुबह 10 बजे तक 12 फीसदी वोटिंग हुई, वहीं जहानाबाद में बूथ नंबर 94 पर दो गुटों में फायरिंग की खबर सामने आयी है. फूलपुर में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने मतदान किया। सुबह 11 बजे तक 12 फीसदी वोटिंग की खबर है।

यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि आज का दिन इतिहास बदलने का भी है और नया इतिहास बनाने का भी। सबको साथ लेकर निकलें और दिखा दें कि हमारी एकजुटता में कितनी ताकत है। इसके नतीजे देश-प्रदेश के भविष्य के लिए क्रांतिकारी और निर्णायक साबित होंगे.

अररिया से बीजेपी प्रत्याशी प्रदीप सिंह ने अपना वोट डाला. गोरखपुर व फूलपुर लोकसभा सीटों के उपचुनाव में  2 घंटे में 7 फीसदी मतदान हुआ. जेहानाबाद में पोलिंग बूथ के बाहर भारी संख्या में मतदाता मौजूद हैं और वोट डालने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं.

Related image

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के प्राथमिक विद्यालय कुराना झूलेलाल गोरखनाथ मंदिर में सुबह 7 बजे वोटिंग किया। वोटिंग के बाद उन्होंने कहा कि विकास और सुशासन के लिए भाजपा का होना जरूरी है.

यह भी पढ़ें: बिग बॉस की इस एक्ट्रेस को मिला 20 लाख में एक रात का ऑफर, जानिये फिर क्या हुआ आगे

उन्होंने कहा कि बीजेपी गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव पीएम मोदी के विकास कार्यों के आधार पर बहुमत के साथ जीतेगी। 2019 के नतीजे भी बीजेपी के लिए अच्छे होंगे. बिहार की अररिया लोकसभा सीट पर वोटिंग शुरू.

गोरखपुर-फूलपुर में अखिलेश की सोशल इंजीनियरिंग का टेस्ट

वहीं, गोरखपुर व फूलपुर लोकसभा सीटों के उपचुनाव में सपा की सोशल इंजीनियरिंग का इम्तिहान भी होगा। इन सीटों के चुनाव परिणामों से सपा की सियासी दिशा तय होगी। सपा ने न सिर्फ सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखकर प्रत्याशी उतारे हैं, बल्कि उसका पूरा जोर पिछड़ों, दलित व अल्पसंख्यकों की लामबंदी पर भी है.

Related image

अगर नतीजे सपा के अनुकूल रहे तो 2019 में यही राजनीतिक-सामाजिक समीकरण बनाने की कोशिश होगी। प्रदेश में आबादी के लिहाज से पिछड़ी जातियों की तादाद सर्वाधिक है। इसके बाद दलित व अल्पसंख्यक आते हैं.

पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा ने पिछड़ी जातियों को पाले में लाने के लिए लंबी कसरत की। अपना दल, भारतीय समाज पार्टी से गठबंधन, केशव मौर्य को प्रदेश अध्यक्ष बनाना, स्वामी प्रसाद मौर्य समेत कई पिछड़े व दलित नेताओं को भाजपा में शामिल करना ऐसे फैसले रहे, जिनका भाजपा को चुनावों में फायदा मिला। भाजपा ने सोशल इंजीनियरिंग से पिछड़ी व कुछ दलित जातियों को साधा.

यह भी पढ़ें कॉमेडियन कपिल शर्मा लेकर आये हैं फिर से ये नया शो, ये रहेंगे बड़े बदलाव, इस तारीख होगा लांच

किसी जमाने में चौधरी चरण सिंह ने पिछड़ों, दलितों व अल्पसंख्यकों को जोड़ने के लिए सोशल इंजीनियरिंग की शुरुआत की थी। उनके दौरे में पिछड़े नेताओं की बड़ी फौज तैयार हुई। सरकारों में पिछड़ों की नुमाइंदगी बढ़ी.

Image result for uttar pradesh bihar sub elections

मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक पिछड़े वर्ग के नेता बनने लगे। उनके निधन के बाद मुलायम सिंह यादव ने काफी हद तक इस समीकरण को समझा.

बसपा के संस्थापक कांशीराम का ‘बहुजन’ का फॉर्मूला भी सोशल इंजीनियरिंग पर ही आधारित था। सपा भी इसी सोशल इंजीनियरिंग के रास्ते पर बढ़ी है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश ने भी लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले पिछड़े व दलित नेताओं को जोड़ने की कोशिश की.

उन्होंने गोरखपुर में निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के बेटे प्रवीण को उम्मीदवार बनाया तो फूलपुर में कुर्मी समाज के नागेंद्र सिंह पटेल को चुनाव में उतारा।