विधानसभा चुनावो के चलते इन पांच राज्यों में लागू हुई आचार संहिता, अब नहीं हो पायेंगे ये सारे काम, Khabarspecial Hindi Samachar, Khabar Special Online Hindi News, Code of conduct, election, election day 2018, mp assembly election 2018, assembly election 2018, narendra modi, shivraj singh chouhan, vasundhara raje, raman singh, lal thanhawla, आचार संहिता लागू 2018, चुनाव आयोग, विधानसभा चुनाव 2018, चुनाव प्रचार, India News in Hindi, Latest India News Updates, मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना, खबरस्पेशल न्यूज़, खबरस्पेशल ऑनलाइन हिंदी समाचार, हर खबर खास है

नई दिल्ली, खबरस्पेशल न्यूज़, अजित सिंह, 7-अक्टूबर’2018: आचार संहिता के बारे में तो आपने कई बार सुना होगा कि आचार संहिता चुनावों की घोषणा होते ही लागू कर दी जाती है लेकिन ये कब और क्यों लागू की जाती है जनता के सामने हमेशा बना रहता हैऔर यह एक बड़ा सवाल भी है। आचार संहिता चुनाव की तारीख की घोषणा होने के साथ लागू हो जाती है और नतीजे आने तक जारी रहती है.

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शनिवार को चुनाव आयोग ने पांच राज्यों (मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना) में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान कर दिया है। इसी के साथ इन राज्यों में भी आचार संहिता लागू हो चुकी है.

भारतीय चुनावों का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाने वाली आचार संहिता चुनाव समिति द्वारा बनाया गया वो दिशानिर्देश होता है जिसे सभी राजनीतिक पार्टियों को मानना होता है। इसके बाद से अब कई काम ऐसे हैं जो नहीं होंगे.

नहीं होंगे अब ये काम-

– अब मुख्यमंत्री से लेकर विधायक तक स्वेच्छानुदान नहीं कर सकेंगे। इमरजेंसी में भी राज्य बीमारी सहायता से इलाज होगा. मंत्री और मुख्यमंत्री केवल शासकीय आवास से सचिवालय तक ही सरकारी वाहनों का इस्तेमाल कर सकेंगे।

कैबिनेट की मीटिंग तो हो सकेगी लेकिन उसमें नीतिगत निर्णय नहीं लिए जाएंगे। जो कि मतदाताओं को प्रभावित करते हों. सरकारी गाड़ियों, विमान और मशीनरी का इस्तेमाल चुनाव प्रचार में पूर्णत: प्रतिबंधित होगा.

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– कोई भी मंत्री या अन्य नेता वित्तीय मंजूरी या वचन देने की घोषणा नहीं करेगें. ट्रांसफर और पोस्टिंग पर भी रोक लगी रहेगी। आयोग की मंजूरी के बिना न तो किसी को हटाया जाएगा और न ही किसी की पोस्टिगं होगी. मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक सरकारी दौरे और चुनावी कार्यक्रम एक साथ नहीं कर सकेंगे।

– नए वर्क ऑर्डर जारी नहीं होंगे। सभी प्रकार के कामों में भूमिपूजन, लोकार्पण या शिलान्यास बंद होंगे. जो लोग साधारण व्यक्ति की तरह चुनाव लड़ रहे हैं, वह किसी भी धार्मिक स्थल या फिर कार्यक्रम में तो जा सकेंगे लेकिन अपना और पार्टी का प्रचार नहीं कर सकेंगे।

हैलीपेड, सार्वजनिक स्थलों, सभा स्थलों, हवाई अड्डों, सरकारी गेस्ट हाउस पर एकाधिकार अब खत्म हो गया है. मुख्यमंत्री का फोटो शासन के होर्डिंग और कैलेंडर में नहीं होगा। यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है तो संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी.

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ये दिशानिर्देश यानि आचार संहिता देश की सभी राजनीतिक पार्टियों पर लागू किया जाता है। जिसका उद्देश्य पार्टियों के बीच मतभेद टालने, शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव कराना होता है।  आचार संहिता द्वारा ये सुनिश्चित किया जाता है कि कोई भी राजनीतिक पार्टी, केंद्रीय या राज्य की अपने आधिकारिक पदों का चुनावों में लाभ हेतु गलत इस्तेमाल न करें.

चुनाव आचार संहिता का मतलब है चुनाव आयोग के वे निर्देश जिनका पालन चुनाव खत्म होने तक हर पार्टी और उसके उम्मीदवार को करना होता है। अगर कोई उम्मीदवार इन नियमों का पालन नहीं करता तो चुनाव आयोग उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है, उसे चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है, उम्मीदवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकती है और दोषी पाए जाने पर उसे जेल भी जाना पड़ सकता है.

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