khabarspecial/minister of uttar pradesh government could not sing vande matram in live tv debate,लाइव शो में एंकर ने BJP मंत्री को वंदे मातरम गाने का चैलेंज दिया

उत्तर प्रदेश, मंत्री को वंदे मातरम गाना पड़ा महंगा: देशभक्ति उफान पर है. ऐसा लग रहा है जैसे देश में एक ही मसला रह गया है. ये चेक करना कि कौन ‘वंदे मातरम’ गा रहा है और कौन नहीं. मौजूदा यूपी सरकार तो एक समुदाय विशेष से कहलवा के ही मानेगी.

एशा गुप्ता की न्यूड तस्वीरें हुयी वायरल… जानिये इनके स्वास्थ्य वर्धक किस्से

लेकिन खुद उनके मंत्रियों को नहीं आता वंदे मातरम. लाइव टीवी डिबेट में अपनी और पार्टी की भद्द पिटवा दी योगी सरकार के एक मंत्री ने. जब एंकर ने कहा कि आप वन्दे मातरम सुना दीजिए, तो मिनिस्टर साहब के होश उड़ गए. चेहरा लाल हो गया. हकलाने लगे.

पहले शॉर्ट में डिबेट की वजह जान लें

यूपी सरकार ने प्रदेश के सारे मदरसों के लिए एक सर्क्युलर जारी किया. जिसमें उन्हें निर्देश दिए गए कि उनको स्वतंत्रता दिवस को सेलिब्रेट करना होगा. वंदे मातरम गाना होगा. यहां तक तो ठीक था, लेकिन आगे जो निर्देश दिया गया वो अटपटा है.

शर्मनाक खबर: बाप ने किया बेटी का 600 बार यौन उत्पीड़न… जानिये आगे की गाथा

कहा गया है कि इवेंट की वीडियो बनानी होगी. मिनिस्टर बलदेव सिंह औलख ने कहा कि सरकार वीडियो चेक करेगी. और जिस भी मदरसे ने नहीं सेलिब्रेट किया होगा, उस पर एक्शन लेगी. क्या एक्शन लेगी ये नहीं बताया.

इसी बात पर इंडिया टुडे चैनल पर कल लाइव डिबेट हो रही थी. योगी सरकार के अल्पसंख्यक राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख भी पैनल पर थे. एंकर ने मंत्री जी से पूछा कि वंदे मातरम कठिन होता है, क्या आपको आता है? मंत्री जी बात को घुमाने लगे.

एंकर राहुल कंवल बार-बार जोर देते रहें कि वो चार लाइनें सुना दें. औलख साहब कहते रहें कि मुझे सर्टिफिकेट नहीं चाहिए, लेकिन गाया नहीं.

राहुल कंवल ने कहा कि जब आप आग्रह करते हैं, तो आपको उदाहरण दे के एक मिसाल बनानी चाहिए. औलख साहब से मिसाल बनने का काम न हो पाया.

राहुल कंवल की बात बिल्कुल जायज़ थी. जब सरकार चाहती है कि हर कोई वंदे मातरम गाएं, तो उन्हें पहले अपने मंत्रियों का भी एक प्रशिक्षण सत्र आयोजित करना चाहिए. वरना ऐसा ही पोपट बनता रहेगा. इस दोहरेपन पर हंसी भी आती है, गुस्सा भी.