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बॉलीवुड/मनोरंजन, खबरस्पेशल न्यूज़, चारुल शर्मा, 13-मई’2018: बॉलीवुड फिल्मों में मां के किरदार को कई बार बेहद खूबसूरती से पर्दे पर दिखाया गया है। मां के किरदार से जुड़ी कई फिल्में हैं जो सिल्वर स्क्रीन पर आई और हमेशा के लिए याद बन कर रह गई.

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कुछ फिल्मों में मां के किरदार को बहुत बेहतरीन तरीके से दिखाया गया तो कुछ फिल्में खासतौर पर मां के किरदार के लिए ही बनाई गईं। इन फिल्मों में से बहुत खोज कर हम ऐसी 5 फिल्मों की लिस्ट आपके लिए लाए हैं जो आपको जरुर देखनी चाहिए। ये फिल्में मां के किरदार पर ही बेस्ड थी और इनके जरिए मां की महानता और त्याग की असल कहानी आपको अपनी मां के करीब और ज्यादा ले जाएगी.

मॉम
हाल ही में इस फिल्म में सर्वश्रेष्ठ अभिनय के लिए श्रीदेवी को मरणोपरांत राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया। साल 2017 में आई इस फिल्म में मां के किरदार को दिवंगत अभिनेत्री ने बखूबी पर्दे पर दिखाया था। फिल्म की कहानी एक ऐसी सौतेली मां की थी जो अपनी बेटी के साथ रेप करने वालों को सबक सिखाने के लिए हर मर्यादा पार कर उन्हें मौत के घाट उतार देती है.

मॉम के किरदार में श्रीदेवी ने अपने कैरेक्टर के जज्बातों के साथ भरपूर न्याय किया बल्कि स्टैप मदर के रुप में मां को विलेन दिखाने वाली मानसिकता को भी बदल कर रख दिया। ये फिल्म यकीनन श्रीदेवी के बेस्ट परफॉर्मेंसेस में से एक थी.

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मां
साल 1992 में आई जयाप्रदा और जीतेंद्र के अभिनय से सजी ये फिल्म सुपरहिट रही थी। इस फिल्म में जयाप्रदा के कैरेक्टर को मां के रुप में बेहद खूबसूरती से दिखाया गया था। फिल्म का गाना ‘बरसात में जब आएगा सावन का महीना’ खासा लोकप्रिय हुआ था.

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इस फिल्म में जयाप्रदा ने एक ऐसी मां का रोल निभाया था जो मरने के बाद भी कैसे आत्मा बन अपने दुधमुंहे बच्चे की रक्षा करती है। मां के किरदार पर आधारित ये एक बेहतरीन फिल्म थी।

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क्या कहना
साल 2000 में प्रीति जिंटा की फिल्म ‘क्या कहना’ ने एक नई बहस और वाद-विवाद का मंच तैयार कर दिया था। इस फिल्म में प्रीति जिंटा ने एक ऐसी युवा लड़की का किरदार निभाया था जो शादी से पहले प्रेग्नेंट हो जाती है और फिर किस तरह समाज का सामना करती हुए अपने बच्चे को जन्म देती है.

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इस फिल्म के बाद समाज में ये बहस शुरू हो गई थी कि क्या एक शादीशुदा लड़की को इस प्रकार का कदम उठाना चाहिए या नहीं। इस फिल्म में प्रीति जिंटा ने बेहतरीन काम किया था और ये उनकी बेस्ट फिल्मों की लिस्ट में शुमार है.

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भावना
साल 1984 में शबाना आजमी की फिल्म ‘भावना’ भी एक मस्ट वॉच फिल्म है। इस फिल्म की कहानी एक ऐसी लड़की की है जो प्यार में पड़ एक पेंटर से शादी कर लेती है लेकिन उसके बाद गरीबी और तंग हालातों के बीच प्रेग्नेंट हो जाती है. गरीबी से तंग और बच्चे के बोझ से लड़का शादी के बंधन से भाग अपने अमीर पिता के पास वापस चला जाता है और पीछे छोड़ जाता है गर्भवती लड़की को.

ये लड़की गरीबी से मुकाबला करती हुई अपने बच्चे को पालने की पूरी कोशिश करती है लेकिन हालातों के आगे मरने की बजाए गलत राह चुन अपने बच्चे की जिंदगी को अच्छा  बनाने का रास्ता चुनती है। शबाना आजमी की एक और अच्छे अभिनय से सजी ये फिल्म मदर्स डे पर जरुर देखनी चाहिए.

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मदर इंडिया
भारतीय फिल्म इतिहास में नरगिस दत्त स्टारर इस फिल्म का अब तक सबसे ऊंचा स्थान है। नरगिस दत्त और सुनील दत्त के अभिनय से सजी इस फिल्म ने सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे और ये फिल्म ऑस्कर तक पहुंचने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी थी.

ये फिल्म एक ऐसी मां की कहानी है जो सच्चाई और सही रास्ते पर चलते हुए जिंदगी भर कड़ी मेहनत कर अपने बच्चों का भरण-पोषण करती है लेकिन अंत में जब उनका बेटा गुंडा बन जाता है तो वो खुद उसे अपने हाथों मार देती है। इस क्लासिक फिल्म के आगे फिर किसी और फिल्म के बारे में बात करने की गुंजाइश नहीं बचती.

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आप इन फिल्मों की लिस्ट में से पहले कौन सी देखेंगे वो हमें कमेंट बॉक्स में लिख कर बता सकते हैं और बॉलीवुड की ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहिए खबरस्पेशल न्यूज़.