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लखनऊ/उत्तर प्रदेश, खबरस्पेसल न्यूज़: उत्तर प्रदेश में आज से दो दिवसीय इंवेस्टर्स समिट का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देश के बड़े उद्योगपति प्रदेश में निवेश का ऐलान करेंगे और एमओयू साइन किए जाएंगे.

इसके लिए सरकार ने खास तैयारियां की हैं। इन दो दिनों में कुल 30 सत्र होंगे। ज्यादातर सत्रों की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री करेंगे.

21 व 22 फरवरी को आयोजित हो रही इंवेस्टर्स समिट में देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित जाने-माने उद्योगपति मौजूद रहेंगे. मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस समिट के बाद देश-विदेश के बड़े औद्योगिक समूह प्रदेश में निवेश के लिए आगे आएंगे। जो भी एमओयू होंगे, उनका लगातार फॉलोअप किया जाएगा.

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निवेशकर्ताओं के साथ राज्य सरकार के वरिष्ठ अफसरों को लगाकर उन्हें सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। सभी क्लीयरेंस सिंगल विंडो से दी जाएंगी। इसकी निगरानी खुद मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा. योगी का कहना है कि निवेशक प्रदेश में आने के लिए उत्सुक हैं.

उनका कहना है कि खाद्यान्न, गन्ना, दुग्ध उत्पादन और जल संसाधन में यूपी नंबर-वन है। यहां सबसे बड़ा मार्केट है। रोड व एयर कनेक्टिविटी सबसे बेहतर है। इसके बावजूद यूपी बीमारू राज्य की श्रेणी में था। सरकार के प्रयासों से 10-12 सालों में बनी इस छवि से प्रदेश अब मुक्त हो गया है। हमने कानून-व्यवस्था को लेकर बनी धारणा बदल दी.

प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए तैयारियों पर उन्होंने बताया कि औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए हमने 16 पॉलिसी बनाई हैं। इनमें औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रमोशन नीति, हैंडलूम, पावरलूम, सिल्क टेक्सटाइल गारमेंटिंग पॉलिसी, आईटी एवं स्टार्ट-अप पॉलिसी.

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इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी, फूड प्रोसेसिंग पॉलिसी, सिविल एविएशन पॉलिसी, टूरिज्म पॉलिसी, सोलर, एनर्जी पॉलिसी और एमएसएमई एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पालिसी मुख्य हैं। नई नीतियों से सभी सेक्टरों को कवर किया गया है। हम निवेशकों को सभी सुविधाएं देंगे.

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भारत की जीडीपी में प्रदेश का 8.4 प्रतिशत का योगदान है। अनाज, गन्ना, आलू दुग्ध और गेंहूं के उत्पादन में यूपी नंबर वन है। निवेश फ्रेंडली माहौल बनने से तरक्की के और अवसर खुलेंगे. यूपी के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने दावा किया है कि अब तक 900 से अधिक एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं.

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कुल कितने रुपये के निवेश के लिए एमओयू हुए हैं, इसका ब्यौरा महाना ने नहीं दिया। हालांकि, माना जा रहा है कि लगभग चार लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रदेश में आएगा. उन्होंने कहा, प्रदेश के इतिहास की सबसे बड़ी इन्वेस्टर्स समिट लखनऊ में होने जा रही है.

इसके लिए छह विभिन्न शहरों में रोड शो किए गए हैं। कई उद्यमियों से वार्ता की गई है। प्रधानमंत्री बड़े उद्योगपतियों से खुद रूबरू होंगे जबकि देश-विदेश के कुल 200 सीईओ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बात करेंगे.