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नई दिल्ली, खबरस्पेशल न्यूज़, लक्ष्मी सिंह, 20-जुलाई’2018: सरकार की ट्रांसपोर्ट पॉलिसी के खिलाफ शुक्रवार से ट्रक ऑपरेटर और ट्रांसपोर्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे। ट्रक और बस ऑपरेटर्स संगठन (एआईएमटीसी) ने अपनी पुरानी मांगों के समर्थन में 20 जुलार्इ से हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है.

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सूत्रों का कहना है कि सरकार ने ट्रांसपोर्टर्स को मनाने के लिए कुछ रियायतें देने की पेशकश की थी। इसमें लोडिंग सीमा के बढ़ाने के साथ-साथ दो ड्राइवर की अनिवार्यता, फिटनेस सर्टिफिकेट और ओवरलोडिंग पर रियायत जैसी पेशकश की गई थी.

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बावजूद इसके सहमति न बनने के बाद हड़ताल तय मानी जा रही है। हड़ताल शुरू होती है तो देशभर में करीब 90 लाख ट्रक और 50 लाख बसों के पहिये थम सकते हैं.

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महंगी हो सकती हैं कीमतें

हड़ताल के चलते खाने-पीने और रोजमर्रा के जरूरतों वाले वस्तुओं के दाम बढ़ने की आशंका है। ट्रकों के पहिये थमने से सामानों की आपूर्ति प्रभावित होगी जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। एक अनुमान के मुताबिक, हड़ताल से रोजाना दो हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा.

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ट्रांसपोर्ट्स की मांगें

-डीजल कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए, क्योंकि इसके दाम रोजाना बदलने से भाड़ा तय करने में परेशानी होती है.
-टोल सिस्टम को भी बदला जाए, क्योंकि टोल प्लाजा पर र्इंधन और समय के नुकसान से सालाना 1.5 लाख करोड़ रुपये की चपत लगती है.
-थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम पर जीएसटी की छूट मिले और एजेंट्स को मिलने वाला अतिरिक्त कमीशन खत्म किया जाए।
-आयकर कानून की धारा 44-एई में प्रिजेंप्टिव इनकम के तहत लगने वाले टीडीएस को बंद किया जाए और र्इ-वे बिल में संशोधन हो.

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