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नई दिल्ली, खबरस्पेसल न्यूज़ रिपोर्ट: पूरे देश में अभी EVM को लेकर हैक होने की जैसी चर्चाएँ जोर शोर से हो रही थी और साथ ही साथ यूपी के निकाय चुनाव में जैसे EVM में गड़बड़ी के मामले सामने आये कि किसी को भी वोट देने पर वोट भाजपा को जा रहा था तब भी चुनाव आयोग इस ओर ध्यान देने को राजी नहीं था.

गुजरात में भी चुनाव सर पर हैं और वहां से भी VVPAT मशीन की वीडियो और हैक होने की वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही थी. अभी तक इस ईवीएम की हैकिंग की सत्यता के बारे में नया मामला सामने आया जब शमीला पुलिस ने सचिन राठौर नाम का एक आदमी को गिरफ्तार किया था.

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पुलिस की जांच में यह बात सामने आई और खुद सचिन ने ही यह कबूल किया कि भारत में चुनाव के दौरान ईवीएम मशीन का इस्तेमाल किया जा सकता है और किसी को भी मिल सकता है.

अपनी जानकारी के लिए बताओ कि सचिन रठोड़ ने काम किया है. अभी तक हिमाचल प्रदेश की विधानसभा चुनाव चलने के लिए सचिन रठार ने कई नेताओं से संपर्क किया था और उनसे इस बात का दावा किया था कि वह किसी भी ईवीएम को हक करके किसी को भी मिल सकता है. सचिन ने चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों से संपर्क किया और उनसे उन्हें जब्त करने के लिए 10-10 लाख रुपये की मांग की थी.

अब ऐसा हुआ कि कुछ नेताओ को सचिन के साथ नहीं मिला, इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग से किया गया था. इसके बाद शिमला की पुलिस हाकिट में आगई और सचिन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई.

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जब सचिन राठौर के खिलाफ केस दर्ज किया गया तो उसे पकड़ने के लिए शिमला पुलिस ने एक टीम की स्थापना की और इस टीम ने सफलतापूर्वक सचिन को महाराष्ट्र के नांदेड जिले के किमवत से गिरफ्तार किया.

सचिन को गिरफ्तार करके शमिला के ही जिला और सत्र के लिए पेश किया गया था. आरोपी के खिलाफ केस बनाते हुए शिमला की पुलिस ने भारतीय पीनल कोड की धारा 502 (2) के तहत गलत सूचना देना और धारा 1442 (ए) के तहत देशद्रोह का मामला बनाया गया है.

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पुलिस ने इस मामले में सफलतापूर्वक गिरफ्तार किए जाने के बाद मीडिया से रूबरू होने पर कहा गया था कि सचिन राठौर ने हिमाचल के करीब 30 नेताओं से मैसेज द्वारा संपर्क करने की कोशिश की थी. अब पुलिस इस बारे में जानकारी जुटाने में लगी हुई है कि कितने नेता इस मामले की बातों में आए और कितने ना?