जानिए कैसे बिक गई ऑनलाइन Flipkart कंपनी, इतने करोड़ में हुई डील, जानिए किसने खरीदा, khabarspecial online hindi news, today's latest news, flipkart news, Flipkart latest news, Walmart के हाथों बिक गई Flipkart, Flipkart के बोर्ड ने Walmart के साथ 15 अरब डॉलर के डील को अपनी मंजूरी दे दी है, डेवलपमेंट के तहत गूगल की पैरेंट कंपनी अल्‍फाबेट इंक भी वालमार्ट के साथ इस इन्‍वेस्‍टमेंट में शामिल हो सकती है, फि्पलकार्ट के अधिग्रहण की कोशिश करती आ रही, खबरस्पेशल न्यूज़, हर खबर खास है, देश की सबसे बड़ी कंपनी फ्लिपकार्ट बिक चुकी है, बिक गयी फ्लिपकार्ट, वालमार्ट ने खरीदा फ्लिपकार्ट को

नई दिल्ली, खबरस्पेशल न्यूज़, रेखा शर्मा, 4-मई’2018: अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग के शौकीन हैं तब ये खबर खास आपके लिए ही है जिसे सुनकर कुछ देर के लिए शौक तो जरूर लगेगा. क्यूंकि देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन कंपनी बिक चुकी है.

फ्लिपकार्ट (Flipkart) के बोर्ड ने वालमार्ट (Walmart) के साथ 15 अरब डॉलर (करीब एक लाख करोड़ रुपए) के डील को अपनी मंजूरी दे दी है. इस तरह वालमार्ट के नेतृत्‍व वाले समूह को फ्लिपकार्ट में 75 फीसदी हिस्‍सेदारी मिल जाएगी.

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प्रस्‍तावित डील के तहत सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्प फि्पलकार्ट की अपनी पूरी 20 फीसदी हिस्‍सेदारी बेचने पर भी सहमत हो गया है. डील के तहत कंपनी का वैल्‍यूएशन लगभग 20 अरब डॉलर तय किया गया है. हालांकि इस मामले में अभी तक औपचारिक तौर पर किसी भी जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है.

 वालमार्ट को पता है कि अमेरिका और चीन के बाद भारत उसके लिए सबसे महत्‍वपूर्ण बाजार है. वैसे चीन में भी अलीबाबा के खिलाफ विदेशी कंपनियों ने कुछ खास हासिल नहीं किया है. सॉफ्टबैंक के साथ ही फ्लिपकार्ट और वालमार्ट ने भी इस डील पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स ने यह जानकारी दी है. एक और डेवलपमेंट के तहत गूगल की पैरेंट कंपनी अल्‍फाबेट इंक भी वालमार्ट के साथ इस इन्‍वेस्‍टमेंट में शामिल हो सकती है. हालांकि इस मामले में अंतिम निर्णय आने वाले 10 दिनों में लिया जाएगा.

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डील के स्‍वरूप को लेकर अभी चीजें तय नहीं हुई हैं. इस डील से वालमार्ट ने एक अन्‍य अमेरिकी कंपनी अमेजन पर जोरदार जीत दर्ज की है. अमेजन भी लंबे समय से फि्पलकार्ट के अधिग्रहण की कोशिश करती आ रही थी. लेकिन फि्पलकार्ट के बोर्ड ने आखिरकार वालमार्ट के साथ डील को अंतिम मंजूरी दे दी.

 माना जा रहा है कि वालमार्ट को रेगुलेटरी स्‍वीकृतियां लेने में भी दिक्‍कत नहीं होगी, क्‍योंकि अमेजन भारत में नंबर दो ई-कॉमर्स कंपनी है और फि्पलकार्ट नंबर एक.

माना जा रहा है कि वालमार्ट को रेगुलेटरी स्‍वीकृतियां लेने में भी दिक्‍कत नहीं होगी, क्‍योंकि अमेजन भारत में नंबर दो ई-कॉमर्स कंपनी है और फि्पलकार्ट नंबर एक. इस डील के बाद 1.3 अरब के देश भारत में वालमार्ट की बादशाहत स्‍थापित हो सकती है.

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कंपनी की ऑनलाइन मार्केट में प्रतिष्‍ठा भी बढ़ेगी. गौरतलब है कि दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी वालमार्ट ने लंबे समय से अमेजन के खिलाफ संघर्ष किया है. वालमार्ट को पता है कि अमेरिका और चीन के बाद भारत उसके लिए सबसे महत्‍वपूर्ण बाजार है.

 फ्लिपकार्ट (Flipkart) के बोर्ड ने वालमार्ट (Walmart) के साथ 15 अरब डॉलर (करीब एक लाख करोड़ रुपए) के डील को अपनी मंजूरी दे दी है. इस तरह वालमार्ट के नेतृत्‍व वाले समूह को फ्लिपकार्ट में 75 फीसदी हिस्‍सेदारी मिल जाएगी. प्रस्‍तावित डील के तहत सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्प फि्पलकार्ट की अपनी पूरी 20 फीसदी हिस्‍सेदारी बेचने पर भी सहमत हो गया है. डील के तहत कंपनी का वैल्‍यूएशन लगभग 20 अरब डॉलर तय किया गया है. हालांकि इस मामले में अभी तक औपचारिक तौर पर किसी भी जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है. न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स ने यह जानकारी दी है.

वैसे चीन में भी अलीबाबा के खिलाफ विदेशी कंपनियों ने कुछ खास हासिल नहीं किया है. सॉफ्टबैंक के साथ ही फ्लिपकार्ट और वालमार्ट ने भी इस डील पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

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अमेजन ने हाल के दिनों में भारतीय ई-कॉमर्स मार्केट में अपनी स्थिति मजबूत की. उसने वालमार्ट और फ्लिपकार्ट डील को पटरी पर से उतारने की भी पूरी कोशिश की, ताकि उसकी बादशाहत स्‍थापित हो जाए.

 एक और डेवलपमेंट के तहत गूगल की पैरेंट कंपनी अल्‍फाबेट इंक भी वालमार्ट के साथ इस इन्‍वेस्‍टमेंट में शामिल हो सकती है. हालांकि इस मामले में अंतिम निर्णय आने वाले 10 दिनों में लिया जाएगा. डील के स्‍वरूप को लेकर अभी चीजें तय नहीं हुई हैं.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस डील के तहत फ्लिपकार्ट के वर्तमान निवेशक टेंसेंट होल्डिंग्‍स लिमिटेड, दक्षिण अफ्रीका की नैस्‍पर्स लिमिटेड और माइक्रोसॉफ्ट कॉर्प कंपनी में छोटी हिस्‍सेदारी बनाए रख सकती हें.